बुरहान के वारिस सब्ज़ार का खेल खत्म कैसे हुआ? एनकाउंटर की इनसाइड स्टोरी
दरअसल सबज़ार को घेरने का मौका आतंकवादियों ने ही दे दिया।
दरअसल सबज़ार को घेरने का मौका आतंकवादियों ने ही दे दिया।
हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी का वारिस सब्ज़ार अहमद बट को आर्मी ने ढेर कर दिया। बुरहान के मारे जाने के बाद हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने बुरहान के दोस्त सब्ज़ार को साउथ कश्मीर का इंचार्ज बनाया था।
सेना को खबर मिली की सब्ज़ार ट्राल के जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद आर्मी ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पत्थरबाज बीच में आते इससे पहले सब्जार का खेल खत्म कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य ने बताया कि सब्ज़ार अहमद के साथ दो और आतंकवादी छिपे थे। इन्हें भी ट्राल के सोइमो इलाके में ढेर कर दिया गया। दरअसल सब्ज़ार को घेरने का मौका आतंकवादियों ने ही दे दिया। शुक्रवार रात आर्मी के जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे। उसी वक्त ट्राल में आतंकवादियों ने आर्मी पर गोलियां चलाई। इसके बाद सेना ने घेराबंदी शुरू की और उस इमारत तक पहुंच गए जहां हिज्बुल का कमांडर सबज़ार छिपा था। जैसे ही आर्मी ने सब्ज़ार को घेरा आतंकवादियों ने फिर गोलियां चलाई। इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई सुबह में जब एनकाउंटर खत्म हुआ तो तीन आतंकवादियों की लाश मिली। इसमें से एक सबज़ार अहमद था, जो साउथ कश्मीर में मोस्ट वांटेड था। इसके सिर पर 10 लाख का इनाम था। पिछले साल 8 जुलाई को सब्ज़ार का दोस्त बुरहान वानी मारा गया था। दस महीने बात सब्ज़ार नाम के आतंक का अंत हो गया।



